राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है।
यह दिन भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने स्वतंत्र भारत को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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🗓️ मनाने की तिथि
👉 31 अक्टूबर
(सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म जयंती)
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मनाने का उद्देश्य
राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है –
देश में एकता, अखंडता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना।
सरदार पटेल के योगदान को याद करना, जिन्होंने 562 रियासतों को मिलाकर एक अखंड भारत का निर्माण किया।
नागरिकों को यह प्रेरणा देना कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
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👤 सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान
वे भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे।
उन्होंने देश के सभी रियासतों को कूटनीति, दृढ़ निश्चय और नेतृत्व क्षमता से एकजुट किया।
उन्हें “भारत का लौह पुरुष” (Iron Man of India) कहा जाता है।
उनका सपना था एक सशक्त, संगठित और एकजुट भारत।
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🏃♀️ कैसे मनाया जाता है
देशभर में “रन फॉर यूनिटी” (Run for Unity) का आयोजन किया जाता है।
विद्यालयों और कॉलेजों में भाषण, निबंध, प्रश्नोत्तरी, और एकता रैली निकाली जाती है।
सरकारी कार्यालयों में “राष्ट्रीय एकता शपथ” ली जाती है।
गुजरात के केवड़िया स्थित “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
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🗿 स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
यह सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा है (182 मीटर ऊँची)।
इसका उद्घाटन 31 अक्टूबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया था।
यह भारत की एकता और शक्ति का प्रतीक है।
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💬 नारा
> “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”
— यही राष्ट्रीय एकता दिवस का संदेश है।
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