राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है।
नोबेल पुरस्कार 2025
Nobel Prize 2025
Medicine / Physiology
चिकित्सा / शरीर क्रिया विज्ञान
1️⃣ मैरी ई. ब्रन्को – अमेरिका
1️⃣ Mary E. Brunkow – USA
2️⃣ फ्रेडरिक जे. रैम्सडेल – अमेरिका
2️⃣ Frederick J. Ramsdell – USA
3️⃣ शिमोन सकागुची – जापान
3️⃣ Shimon Sakaguchi – Japan
Physics
भौतिकी
1️⃣ जॉन क्लार्क – यूनाइटेड किंगडम
1️⃣ John Clarke – UK
2️⃣ मिशेल एच. डेवोरेट – फ्रांस
2️⃣ Michel H. Devoret – France
3️⃣ जॉन एम. मार्टिनिस – अमेरिका
3️⃣ John M. Martinis – USA
Chemistry
रसायन विज्ञान
1️⃣ सुसुमु कितागावा – जापान
1️⃣ Susumu Kitagawa – Japan
2️⃣ रिचर्ड रॉबसन – यूनाइटेड किंगडम
2️⃣ Richard Robson – UK
3️⃣ ओमर एम. यागी – जॉर्डन
3️⃣ Omar M. Yaghi – Jordan
Literature
साहित्य
🏅 लास्ज़लो क्रास्नाहोर्कई – हंगरी
🏅 László Krasznahorkai – Hungary
Peace
शांति पुरस्कार
🏅 मारिया कोरीना माचाडो – वेनेजुएला
🏅 María Corina Machado – Venezuela
Economics
आर्थिक विज्ञान
1️⃣ जोएल मोक्यर – अमेरिका
1️⃣ Joel Mokyr – USA
2️⃣ फिलिप अग्योन – फ्रांस
2️⃣ Philippe Aghion – France
3️⃣ पीटर हाउइट – कनाडा
3️⃣ Peter Howitt – Canada
गाँधी जयंती 2025
गाँधी जयंती भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्व है, जो हर वर्ष 2 अक्टूबर को पूरे देश में मनाया जाता है। यह दिन महात्मा गांधी, जिन्हें हम प्यार से बापू और राष्ट्रपिता कहते हैं, की जयंती का अवसर है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने सत्य, अहिंसा और सादगी को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया और इन्हीं के आधार पर भारत को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गांधी जी का मानना था कि हिंसा से कभी स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। उन्होंने सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया। उनकी शिक्षा और विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता संग्राम के समय थे।
हर वर्ष गांधी जयंती पर पूरे भारत में राष्ट्रीय अवकाश होता है। इस दिन लोग गांधी जी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में भाषण, निबंध लेखन, पोस्टर प्रतियोगिता, स्वच्छता अभियान और भजन-कीर्तन आयोजित किए जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मान्यता दी है, जिससे गांधी विचारों का संदेश पूरी दुनिया में फैल सके।
2025 की विशेषता यह है कि इस वर्ष हम गांधी जी की 156वीं जयंती मना रहे हैं।
इस अवसर पर देशभर में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। शिक्षा संस्थानों द्वारा विशेष स्वच्छ भारत क्विज़ का आयोजन किया जा रहा है, वहीं कई शहरों में गांधी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत व्याख्यान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रभात फेरी निकाली जा रही हैं। खादी और ग्रामोद्योगों की बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि भी गांधी विचारों के महत्व को दर्शाती है।निष्कर्षतः, गांधी जयंती हमें यह याद दिलाती है कि हमें अपने जीवन में सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सादगी को अपनाना चाहिए। यही बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी और यही भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
2025 में क्या महत्वपूर्ण है?
2025 में हम गांधी जी की 156वीं जयंती मना रहे हैं। Hindustan Times+2The Times of India+2
इस अवसर पर स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में स्वच्छता अभियान, प्रवचन, निबंध प्रतियोगिताएँ, भजन-संस्कृति कार्यक्रम आदि आयोजन हो रहे हैं। The Times of India+3The Times of India+3The Times of India+3
उदाहरण के लिए, CISCE ने “स्वच्छ भारत क्विज़” आयोजित किया है, जो 2 से 15 अक्टूबर तक चलेगा। The Times of India
महाराष्ट्र में गांधी सप्ताह समारोह 1 से 8 अक्टूबर तक आयोजित किया गया, जिसमें विचार गोष्ठियाँ, मार्च और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। The Times of India
खादी और ग्राम उद्योगों की बिक्री पिछले 11 वर्षों में पाँच गुना बढ़ी है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस वृद्धि को गांधीवाद से प्रेरित बताया। The Times of India
RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने 2025 अपने शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया। en.wikipedia.org
युवा पीढ़ी में गाँधी विचारों पर भी बहस हो रही है — कुछ उन्हें आदर्श मानते हैं, तो कुछ कहते हैं कि आधुनिक चुनौतियों में इन्हें लागू करना आसान नहीं। indianexpress.com
गाँधी जयंती सिर्फ एक दिन नहीं है — यह हमें याद दिलाती है कि सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता जैसे मूल्य आज भी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण हैं। इस दिन का सही सम्मान — सिर्फ भाषण और कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाना है।